कर्मचारी भविष्य निधि संगठन
श्रम और रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार,
अहमदाबाद, गुजरात
प्रोत्साहन योजना
 
घर प्रोत्साहन योजना

निजी क्षेत्र में शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को रोजगार प्रदान करने हेतु प्रोत्साहन योजना : -

 

निजी क्षेत्र में शारिरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को रोजगार प्रदान करने हेतु नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन योजना, जो कि सरकार द्वारा अनुमोदित है, निम्न है -

 

            1. कुल परिव्यय: 11वीं पँचवर्षीय योजना हेतु रू. 1800 करोड़।

2. व्याप्त क्षेत्र: निजी क्षेत्र

3. निर्मित कियें जाने वाली नौकरियों की संख्या:  प्रति वर्ष एक लाख

4. वेतन सीमा: निजी क्षेत्र में कार्यरत शारीरिक रूप से अक्षम कर्मचारी, जिनका मासिक वेतन प्रतिमाह रू. 25000/- हो, व्याप्त किये जायेंगे।

5. प्रोत्साहन: पहले तीन वर्षों के लिए सरकार द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन एवं कर्मचारी राज्य बीमा में नियोक्ता के हिस्से का भुगतान किया जायेगा।     कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम 1952 (EPF &MP ACT 1952) के अंतर्गत व्याप्त कर्मचारियों के वेतन के 1.10% की दर से प्रशासनिक प्रभार का भुगतान नियोक्ता द्वारा किया जाना जारी रहेगा।  

 

2. शर्तें : -

 

         (अ) यह योजना शारीरिक रूप से अक्षम कर्मचारियों पर लागू होगी-

 

1. शारीरिक रूप से अक्षम अधिनियम 1995 ( समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण एवं पूर्ण भागीदारी) के अंतर्गत व्याप्त तथा स्वलीनता, सेरीब्रल पक्षाघात, मानसिक विकलांगता तथा विविध विकलांगता अधिनियम 1999 के कल्याण हेतु राष्ट्रीय ट्रस्ट।

 

2. कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम 1952 एवं कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 में क्रमशः कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) एवं कर्मचारी राज्य बीमा (ESI)  में पंजीकृत संपूर्ण भारत का निजी क्षेत्र, जम्मू एवं काश्मीर राज्य के संबंध में, कर्मचारी जम्मू एवं काश्मीर भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम 1961 के अंतर्गत पंजीकृत होना चाहिए।

 

3. 01.04.2008 को या उसेक पश्चात् नियुक्त।

 

 

         (ब)  नियोक्ता द्वारा ऐसे लाभों का प्रथम बार दावा करते समय शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति अधिनियम 1995 (समान आवसर, अधिकार संरक्षण एवं पूर्व भागीदारी) तथा  शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति अधिनियम 1996 (समान आवसर, अधिकार संरक्षण एवं पूर्व भागीदारी) के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी द्वारा शारीरिक रूप से अक्षम कर्मचारी को जारी विकलांगता प्रमाणपत्र की प्रतिलिपी जमा करनी होगी।

 

        (स ) सरकार द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम 1952 के अंतर्गत तथा कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 के अंतर्गत व्याप्त योजना में नियोक्ता का अंशदान सीधे ही प्रदान किया जायेगा। कर्मचारियों के मामले मे ऐसा अधिकतम 3 वर्षो के लिए किया जायेगा। कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम के अंतर्गत व्याप्त कर्मचारियों के मामले में 1.1% की दर से प्रशासनिक प्रभार का भुगतान संबंधित नियोक्ता द्वारा ही किया जायेगा।

 

3.  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन एवं कर्मचारी राज्य बीमा निगम की एकमुश्त रकम, अग्रिम के रूप में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा उपलब्ध करवायी जायेगी। योजना के अंतर्गत नियोक्ताओं द्वारा प्राप्त दावों के समायोजन के उद्देश्य से इसका उपयोग किया जायेगा। संगठन को उपलब्ध इस राशि को आवर्तानुसार उपलब्ध करवाया जायेगा। शुरूआत में दोनों ही संगठनों में से प्रत्येक को 5 करोड़ रू. उपलब्ध करवाये जायेंगे और आवश्यकतानुसार राशि को बाद में बढ़ा दिया जायेगा। यह अग्रिम राशि एक उच्चस्तरीय समिति द्वारा किये जाने वाले त्रैमासिक निरीक्षण के अधीन होगी।  

 

4. योजना के कार्यान्वयन हेतु श्रम एवं रोजगार मंत्रालय एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की सह अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिती का गठन किया जायेगा। समिती के घटक निम्नानुसार होंगे -  

 

1. सचिव, श्रम और रोजगार मंत्रालय - अध्यक्ष

2. सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय - उपाध्यक्ष

3. संयुक्त सचिव श्रम एवं रोजगार मंत्रालय – सदस्य

4. मुख्य भविष्य निधि आयुक्त, क.भ.नि.सं. - सदस्य

5. आयुक्त, कर्मचारी राज्य बीमा निगम - सदस्य

6. संयुक्त सचिव के वित्तीय सलाहकार     -   सदस्य

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

7. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के - सदस्य

    संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी

 

 

5. प्रत्येक तिमाही पर समिती कम से कम एक बार एवं आवश्यकतानुसार बैठक करेगी एवं योजना के सुचारू कार्यान्वयन हेतु विभन्न मामलों पर विचार करेगी। 

 

 

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