कर्मचारी भविष्य निधि संगठन
श्रम और रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार,
अहमदाबाद, गुजरात
छूट
 
घर छूट

छूट प्राप्ति के प्रकार

 

कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम 1952 के अंतर्गत व्याप्त एक स्थापना को इस अधिनियम के सांविधिक प्रावधानों तथा योजना के विभिन्न प्रावधानों यथा कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952, कर्मचारी पेंशन योजना 1995 तथा कर्मचारी सहबद्ध बीमा योजना 1976, के विभिन्न प्रावधानों का पालन करना पड़ता है।

 

यद्यपि अधिनियम, इसके कार्यान्वयन हेतु एवं साथ ही इस अधिनियम के अंतर्गत निर्मित की गयी योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु छूट प्रदान करता है। अतः इस अधिनियम के अंतर्गत प्रदान की गयी विभिन्न छूट को  मुख्य रूप से निम्नानुसार वर्गीकृत किया गया है-

 

        1. अधिनियम से छूट (इसमें योजना भी सम्मिलित है) – अधिनियम की धारा 16(2) के अंतर्गत

        2. योजनाओं के कार्यान्वयन से छूट, जैसे कर्मचारी भविष्य निधि योजना/कर्मचारी पेंशन योजना/कर्मचारी सहबद्ध    बीमा योजना।

 

                          1. अधिनियम से छूट (योजना भी सम्मिलित)

 

इस तरह की छूट को केन्द्र सरकार द्वारा अधिनियम की धारा 16(2) के अंतर्गत अनुमत किया गया है। यह स्थापनाओं के वर्ग की आर्थिक एवं अन्य परिस्थितियों के आधार पर प्रदान किया जाता है। छूट को आगामी या प्रगामी रूप से प्रदान किया जा सकता है। यह केवल एक विशिष्ट अवधि के लिए ही प्रदान की जाती है। स्थापनाओं के वर्ग जिनके लिए वर्तमान में छूट प्रभावी है, निम्न है –

 

 

सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के अंतर्गत पंजीकृत संस्थाए , जो कि केन्द्र सरकार या राज्य सरकार से प्राप्त सहायता पर चलती हो। ऐसी स्थापनाए जो कि ऐसे भूतपूर्व सैनिकों को रोजगार देती हो, जिन्हें कि 5 वर्ष के लिए (18.02.2000 के प्रभाव से ) ( 05.04.2000 को अदिसूचित) ट्रस्ट नियमों के तहत पेंशन लाभ प्राप्त थे।

 

स्वंयसेवी संस्थान जो कोढ़ उन्मूलन कार्यक्रम में संलग्न हो।

 

 

2. योजनाओं के कार्यान्वयन से छूट, जैसे कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952/ कर्मचारी पेंशन योजना 1995/ कर्मचारी सहबद्ध बीमा योजना 1976।

         

 

इस तरह की छूट अधिनियम से नहीं बल्कि विशिष्ट योजनाओं के परिचालन से प्रदान की जाती है। किसी स्थापना को छूट प्रदान करने के अलावा इस अधिनियम द्वारा किसी व्यक्तिगत कर्मचारी एवं साथ ही कर्मचारियों के किसी वर्ग को भी छूट प्रदान की जाती है। अतः योजनाओं के कार्यान्वयन से छूट प्रदान की जाता है –

 

          1. एक स्थापना को पूर्ण रूप से।

 

           2. एक व्यक्तिगत कर्मचारी को ( केवल कर्मचारी भविष्य निधि योजना एवं कर्मचारी सहबद्ध बीमा योजना के लिए)

 

           3. कर्मचारियों के वर्ग को।

 

 

कर्मचारी भविष्य निधि एवं कर्मचारी सहबद्ध बीमा योजना के अंतर्गत छूट का आदेश जारी करना

    

एक स्थापना को छूट प्रदान करने से पूर्व स्थापना का आवेदन एवं निधि के नियमों को भी जाँचना आवश्यक है। जैसा कि आवेदन को प्रक्रिया में आने में कुछ समय लगता है, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त/केन्द्रीय भविष्य निधि आयुक्त, जैसा भी मामला हो, स्थापना को छूट का आदेश यह विनिर्दिष्ट करते हुए जारी कर सकता है कि स्थापना निम्नलिखित विवरण, छूट हेतु बाकी नहीं रखेगा –

 

                                   1. योजना के अंतर्गत जमा करने हेतु आवश्यक सभी विवरण।

 

                                   2. निधि में जमा करने हेतु बकाया रकम।

 

                                   3. वर्तमान निधि से सीबीटी, कर्मचारी भविष्य निधि में संचित निधि का अंतरण।

 

सदस्यों के नामांकन, राशि का निवेश, निरीक्षण का भुगतान एवं खातों के रख-रखाव के विवरण जमा करने हेतु क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त/केन्द्रीय भविष्य निधि आयुक्त छूट आदेश में कुछ अन्य शर्ते लागू कर सकते है। सभी व्यवहारिक उद्देश्य से छूट आदेश प्राप्त स्थापनाओं के समकक्ष मानी जायेंगी। कर्मचारी सहबद्ध बीमा योजना के पैरा 28(7) के अंतर्गत छूट आदेश जारी किया जाता है।

 

 

कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952 से छूट :

 

 

एक स्थापना को उसके पूर्ण रूप में कर्मचारी भविष्य निधि योजना से पूर्ण छूट, अधिनियम की धारा 17(1)(a) या धारा 17 (1) (b) के तहत प्रदान की जाती है।

 

 

धारा 17(1)(a) के तहत छूट :

 

 

धारा 17(1)(a) के तहत एक स्थापना को छूट प्रदान की जाती है, जब अंशदान की दर अधिनियम की धारा 6 के अंतर्गतत प्रदान की छूट से कम लाभदायक न हो तथा कर्मचारियों को भी ऐसे दूसरे भविष्य निधि लाभ प्राप्त हो जो कि अपने पूर्ण रूप में अधिनियम/योजना में दिये गये लाभों के कम लाभदायक न हो। इस छूट को प्रदान करने वाली प्रधिकारी “उपयुक्त सरकार”(केन्द्र सरकार/राज्य सरकार, जैसा भी मामला हो) है, जिसे अधिनियम की धारा 2(a) में परिभाषित किया जाता है एवं राजपत्र में अधिसूचित किया जाता है।

 

 

धारा 17(1)(b) के तहत छूट :

 

 

धारा 17(1)(b) के तहत छूट तब दी जाती है जब किसी स्थापना के कर्मचारी ऐसी प्रकृति की भविष्य निधि, पेंशन  या ग्रेज्युटी, जो संयुक्त रूप से या अलग-अलग भविष्य निधि अधिनियम/योजना में प्रदान किये जाने वाले लाभों से कम लाभदायक न हो।

 

 

निरीक्षण प्रभारों का भुगतान :

 

 

स्थापना जिसे छूट आदेश/छूट जारी की गयी है, वसूली की गयी भविष्य निधि के 0.18% की दर से संबंधित क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त को रोकड़/भारतीय स्टेट बैंक में स्थानीय चेक से, निर्धारित चालान द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि के लेखा -02 में भुगतान करेगी।

 

 

एक कर्मचारी को छूट : (कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952)

 

 

कर्मचारी योजना के पैरा 27 के साथ पढ़ी जाने वाली धारा 17(2) द्वारा योजना में, योजना के अधीन आने वाले किसी संस्थान में नियोजित किसी व्यक्ति को योजना के किसी या सभी प्रावधानों से छूट देने का प्रावधान किया जाता है। प्रपत्र-1 में आवेदन प्राप्त होने पर क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त द्वारा किसी कर्मचारी को यह छूट प्रदान की जाती है। यदि वह व्यक्ति भविष्य निधि , ग्रेच्युटी या वृद्धावस्था पेंशन जैसे लाभों का हकदार हो तथा ऐसे लाभ एकाकी या संयुक्त रूप से इस अधिनियम या योजना के अंतर्गत उपलब्ध लाभों से कम लाभदायक न हो।

 

 

कर्मचारियों के एक वर्ग को छूट : (कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1952)

 

 

कर्मचारी योजना के पैरा 27 के साथ पढ़ी जाने वाली धारा 17(2) द्वारा योजना में, योजना के अधीन आने वाले किसी संस्थान में नियोजित किसी व्यक्तियों के वर्ग को,योजना के किसी या सभी प्रावधानों से छूट देने का प्रावधान किया जाता है। नियोक्ता द्वारा इस संबंध में किये गये आवेदन के प्राप्त होने पर, उपयुक्त सरकार द्वारा यह छूट प्रदान की जाती है। यह छूट प्रदान की जाती है जब कर्मचारी,  भविष्य निधि , ग्रेच्युटी या वृद्धावस्था पेंशन जैसे लाभों का हकदार हो तथा ऐसे लाभ एकाकी या संयुक्त रूप से इस अधिनियम या योजना के अंतर्गत उपलब्ध लाभों से कम लाभदायक न हो।

 

जब भी कर्मचारियों के एक वर्ग को छूट प्रदान की जायेगी तब नियोक्ता को एक निर्धारित प्रपत्र में विवरण भरकर क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त को भेजना पड़ता है। विवरण भरने की निर्धारित तिथी इससे संबंधित माह की 25 तारीख होगी। नियोक्ता को छूट प्राप्त कर्मचारियों के वेतन पर 0.18% की दर से निरीक्षण प्रभार का भुगतान करना पड़ता है तथा भविष्य निधि राशि का केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित तरीकों के अनुसार निवेश करना पड़ता है। कर्मचारियों के इस वर्ग को पुनः सांविधिक निधि में सम्मिलित होने की अनुमती प्रदान की जा सकती है। प्रत्येक खाते पर पुनःचुनाव की यह सुविधा एक बार दी जा सकती है।

 

 

क्र.सं.

छूट की प्रकृति

अधिनियम / योजना के तहत प्रदान की गयी छूट

छूट प्रदान करने वाला प्राधिकारी
 

छूट आदेश जारी करने वाला प्राधिकारी

टिप्पणी

1

अधिनियम से छूट

अधिनियम की धारा 16 (2)

केन्द्रीय सरकार

उपलब्ध नहीं

स्थापनाओं के एक वर्ग को विनिर्दिष्ट अवधि के लिए छूट

2

कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952 के कार्यान्वयन से छूट

धारा 17 (1) (a) या 17 (1) (b)

समुचित सरकार

क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त (पैरा 79)

एक स्थापना को उसके पूर्ण रूप से

3

यथोपरि

कर्मचारी भविष्य निधि योजना के पैरा 27-A के साथ पठित धारा 17 (2)

समुचित सरकार

क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त। (पैरा 79)

कर्मचारियों के एक वर्ग को।

4

यथोपरि

 कर्मचारी भविष्य निधि योजना के पैरा 27 के साथ पठित धारा 17 (2)

क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त

 

एक व्यक्तिगत कर्मचारी को।

5

कर्मचारी पेंशन योजना '95 के कार्यान्वयन से छूट

धारा 17 (1C)

समुचित सरकार

 

एक पूर्ण स्थापना को

6

यथोपरि


धारा 17 (1C)

समुचित सरकार

 

स्थापना के एक वर्ग को

7

कर्मचारी जमा सहबद्ध बीमा योजना 1976 के कार्यान्वयन से छूट

धारा 17 (2A)


केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त

क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त (Para28 (7)

एक पूर्ण स्थापना को

8

यथोपरि

पैरा 28(4) के साथ पठित धारा 17 (2B)

केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त

यथोपरि

कर्मचारियों के एक वर्ग को।

9

यथोपरि

पैरा 28(1) के साथ पठित धारा 17 (2B)

क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त

 

एक व्यक्तिगत कर्मचारी को।

 

 

 

कर्मचारी परिवार पेंशन योजना 1995 से छूट :

 

 

अधिनियम की धारा 17 (1C) के तहत कर्मचारी पेंशन योजना 1995 से छूट प्रदान की जाती है। शासकीय गजन में अधिसूचना जारी कर उपयुक्त सरकार द्वारा यह प्रदान की जाती है। छूट, किसी स्थापना को या स्थापनाओं के एक वर्ग को प्रदान की जाती है। प्रदान की गयी छूट उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित शर्तो के अधीन रहती है। किसी स्थापना को या स्थापनाओं के वर्ग को तब प्रदान की जाती है, जब वे ऐसी प्रकृति के पेंशन लाभ प्राप्त कर रहे हो, जो योजना के पेंशन लाभो के बराबर या अधिक हो।   

 


कर्मचारी सहबद्ध बीमा योजना 1976 से छूट :

 

 

 अधिनियम की धारा 17 (2A), कर्मचारी सहबद्ध बीमा योजना 1976 से छूट प्रदान करती है। यह किसी ऐसी स्थापना को प्रदान की जाती है जहाँ कर्मचारी बिना किसी अतिरिक्त योगदान या किश्त के भुगतान के जीवन बीमा की तरह के लाभों को प्राप्त कर रहे हो, जो या तो उनके भविष्य निधि से जुड़े रो या न हो तथा वे बीमा योजना से प्राप्त होने वाले लाभों से अधिक लाभदायक हो। शासकीय गजट में अधिसूचना जारी कर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त यह छूट प्रदान कर सकता है, जो अधिसूचना में विनिर्दिष्ट शर्तों के अधीन होगी। यह छूट आगामी या प्रगामी रूप से प्रदान की जा सकती है।

कर्मचारी सहबद्ध बीमा योजना 1976 के पैरा 28(7) लके तहत क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त द्वारा एक छूट के लंबित मामले में छूट आदेश जारी किया जा सकता है। कर्मचारी सहबद्ध बीमा योजना 1976 से छूट प्राप्त किसी स्थापना को क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त को मासिक विवरण प्रस्तुत करना पड़ता है।

 योजना के पैरा 28(4) के अंतर्गत केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त द्वारा कर्मचारियों के किसी वर्ग को छूट प्रदान की जाती है।

कर्मचारी सहबद्ध बीमा योजना 1976 के पैरा 28(1) की धारा 17(B) के तहत क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त, कर्मचारी सहबद्ध बीमा योजना के किसी या सभी प्रावधानों के कार्यान्वयन से छूट प्रदान कर सकता है।

संस्थान द्वारा मूल वेतन एवं मँहगाई भत्ता के 0.005% की दर से निरीक्षण प्रभार, जो कि न्यूनतम रू. 1/- प्रति माह होगा , का भुगतान करेगा।